मुख्य मुद्दा
गावों में खुली नालियो का स्वरूप में बदलाव की जरुरत
आज मै विनम्रता पूर्वक अपनी बात आपके माध्यम से सरकार के समक्ष रखना चाहूंगा क्युकी भारत गावों का देश है और गावों की तरक्की से ही देश की तरक्की संभव है
भारत को आजाद हुए 68 वर्ष से भी ज्यादा हो गये है पर आज भी जब गाँव में गंदे पानी की निकासी की बात आती है तो हमेशा ही सारी responsibility पंचायत के ऊपर डाल कर सरकार अपना पल्ला झाड़ लेती है.
आज भी हमारे यहाँ के गावों में नालियां खुल्ली ही बनती है और वो भी इतनी संकुचित होती है की पूरे दिन उनमे पानी जमा ही रहता है। जिससे की गंदगी तो फैलती ही है बल्कि बहुत सी बीमारियों के लगने का डर भी बना रहता है।
अब इससे हमारे देश के प्रधानमंत्री के बल्कि हम सब के ' Clean India Movement' को बड़ा ही आघात पहुँचता है। तो देश के स्वछता अभियान को आगे बढ़ाना है तो गावों में भी स्वछता की तरफ ध्यान देना पड़ेगा।
और इसके लिए हम सबको मिलकर एक ऐसी प्लान बनानी होगी जिससे की गावों में भी शिवरिंग सिस्टम की पहल हो कहने का सीधा तत्प्र्य यही है की नालिया या तो ढक्कर रखा जाये या फिर सिटी की तरहा शिवरिंग सिस्टम हो जिससे की सारा गन्दा पानी अंडरग्राउंड नालियो से गांव से बहार चला जाये।
इसके लिए हम PPP (Public Private Partnership) का सहारा भी ले सकते ही यानी कुछ पैसा गवर्मेंट दे एंड कुछ पब्लिक खुद कलेक्ट करे या फिर इसको गोवेर्मेंट किसी एक्सपर्ट से एक अच्छी सी प्लान तैयार करवाये ताकी गांव के लोगो को भी खुली नालियो की वजह से होने वाली बीमारियो और गंदगी से राहत मिल सके।
सच में ऐसा हो सकता है की गावों में भी पक्की नालिया नही बल्कि underground water drainage system हो।
जे पी यादव